
दादाजी मंदिर निर्माण को मिलेगी नई गति: मकराना में पत्थर चयन अंतिम दौर में, गुरु पूर्णिमा से पहले होगा बड़ा फैसला।

15 से अधिक सप्लायर्स का निरीक्षण, गुणवत्ता और सप्लाई क्षमता के आधार पर होगा चयन।
मकराना में दो दिवसीय दौरे पर रही मंदिर निर्माण समिति, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की टीम समिति की बैठक भी संपन्न हुई।
खंडवा। दादा जी महाराज की इच्छा एवं आशीर्वाद से दादाजी का मंदिर बनेगा धूमधाम से, दादाजी धाम के भव्य मंदिर निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। मंदिर निर्माण समिति, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की संयुक्त टीम ने राजस्थान के प्रसिद्ध मकराना मार्बल क्षेत्र का दो दिवसीय दौरा कर मंदिर निर्माण में उपयोग होने वाले संगमरमर की गुणवत्ता, उपलब्धता और सप्लाई क्षमता का गहन परीक्षण किया। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि एक और जहां दादाजी धाम पर मंदिर निंव का कार्य प्रगति पर है मैं मंदिर निर्माण में लगने वाले ढेड नंबर मार्बल पत्थर चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है और गुरु पूर्णिमा से पहले अंतिम वेंडर के चयन की उम्मीद जताई जा रही है।
असंगठित बाजार में गुणवत्ता पर विशेष फोकस
दौरे के दौरान कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि मकराना का मार्बल बाजार काफी असंगठित है। यहां एक नंबर, डेढ़ नंबर और दो नंबर जैसी विभिन्न श्रेणियों का संगमरमर उपलब्ध है, लेकिन इनके स्पष्ट तकनीकी मानक निर्धारित नहीं हैं। यही कारण है कि प्रशासनिक और तकनीकी टीम को स्वयं मौके पर पहुंचकर पत्थरों की गुणवत्ता, उपलब्धता और सप्लाई क्षमता का आकलन करना पड़ा।
कलेक्टर के अनुसार लगभग 15 वेंडर्स और खदान संचालकों से चर्चा की गई, जिनमें से 8 से 9 सप्लायर्स को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इनसे दरें प्राप्त कर तकनीकी मूल्यांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
कलेक्टर ने बताया कि सैंपल पिलर्स और बीओक्यू दरों के आधार पर जून के अंतिम सप्ताह अथवा जुलाई के प्रारंभ में अंतिम वेंडर का चयन कर लिया जाएगा।
सांसद ने परखी गुणवत्ता, सप्लाई और अनुभव
दौरे में शामिल सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने बताया कि मंदिर निर्माण में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इसके लिए 15 से 16 खदान मालिकों और सप्लायर्स से मुलाकात कर पत्थर की विभिन्न तकनीकी वैरायटी का परीक्षण किया गया।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक स्तर पर 7 से 8 सप्लायर्स को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इनमें से अंतिम चयन उनकी गुणवत्ता, निर्धारित दरों, उपलब्ध मात्रा और प्रत्येक माह नियमित रूप से पत्थर उपलब्ध कराने की क्षमता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि गुरु पूर्णिमा से पहले पत्थर आपूर्ति से संबंधित एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
पिलर सैंपल से होगी अंतिम परीक्षा
समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि मंदिर निर्माण समिति ने चयनित सप्लायर्स को पूर्ण आकार के पिलर (खंभों) के नमूने तैयार करने के निर्देश दिए हैं। ये सैंपल अगले 25 से 30 दिनों में उपलब्ध होंगे। इन पिलर्स के माध्यम से पत्थर की वास्तविक गुणवत्ता, फिनिशिंग और टिकाऊपन का परीक्षण किया जाएगा।
बड़े मंदिरों में सप्लाई का रिकॉर्ड भी जांचा
विधायक प्रतिनिधि मुकेश तनवे ने बताया कि टीम ने मकराना की 10 से 12 प्रमुख मार्बल फर्मों का निरीक्षण किया। इस दौरान यह भी देखा गया कि संबंधित फर्मों ने देश के अन्य बड़े मंदिरों और धार्मिक स्थलों में किस प्रकार का पत्थर उपलब्ध कराया है।
उन्होंने बताया कि जिन फर्मों का रिकॉर्ड बेहतर पाया जाएगा और जिनकी गुणवत्ता संतोषजनक होगी, उनके सैंपल को अंतिम रूप देकर जल्द ही ऑर्डर जारी किया जाएगा। इसके बाद मकराना से दादाजी मंदिर निर्माण के लिए पत्थरों की आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
गुरु पूर्णिमा से पहले श्रद्धालुओं को मिल सकती है बड़ी सौगात
मंदिर निर्माण समिति का लक्ष्य है कि गुरु पूर्णिमा से पहले पिलर सैंपल प्राप्त हो जाएं और पत्थर चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इसके बाद मंदिर निर्माण कार्य को और अधिक गति दी जाएगी।
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि समिति के सदस्य एवं मंदिर के ट्रस्टी धर्मेंद्र बजाज, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल विधायक प्रतिनिधि मुकेश तनवे,कलेक्टर ऋषव गुप्ता समिति के सदस्यों और जनप्रतिनिधियों इंजीनियर और आर्किटेक्ट ने विश्वास व्यक्त किया कि श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी इच्छा शीघ्र ही साकार होगी और खंडवा में दादाजी का भव्य एवं दिव्य मंदिर आस्था का नया केंद्र बनकर उभरेगा।
मकराना दौरे में मंदिर निर्माण समिति एवं ट्रस्ट से जुड़े सदस्य धर्मेंद्र बजाज, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक प्रतिनिधि मुकेश तनवे, कलेक्टर ऋषव गुप्ता, एसडीएम बजरंग बहादुर सिंह, तपन डोंगरे, राकेश बंसल, भरत झंवर, मदन भाऊ ठाकरे, अखिलेश गुप्ता, सतीश कोटवाले, गणेश कनाडे, हिमांशु अग्रवाल, राजू पाटिल, भारत पटेल, इंजीनियर प्रतीक गुप्ता, आर्किटेक्ट नितिन सिंगला, नितिन श्रीमाली, वीरेंद्र त्रिवेदी एवं जितेंद्र त्रिवेदी सहित अन्य सदस्य शामिल हैं।
दादाजी धाम का सपना होगा साकार
दादाजी धाम पर बनने वाला यह संगमरमर मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को भी नई ऊंचाई प्रदान करेगा। मंदिर निर्माण को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।












